Aarti
Complete lyrics with original text, transliteration, and meaning, 21 sections
Aarti
Original
सूरज की लाली तुझे तिलक लगाती है बगिया की डाली-डाली पुष्प चढ़ाती है
Verse 2
Original
पुरवाई आके तेरा भवन बुहारती बरखा की जलधारा चरण पधारती
Verse 3
Original
ऋद्धि-सिद्धी तुझसे है, तुझसे ही ज्ञान है एकदंत दयावंत, देवों में महान है आदि है, अनादि तू ही, तू ही सर्वेश्वराय काज करे, विघ्व हरे, तू ही विघ्नेश्वराय
Verse 4
Original
धरती है तुझसे ही, गगन विशाल है तुझसे ही जीवन है ये, तू ही महाकाल है अंत का आरंभ तू ही, वेद का तू सार है आती-जाती ऋतुओं पे तेरा उपकार है
Verse 5
Original
गणेशा, गणेशा, गणेशा, गणेशा, गणेशा, गणेशा, गणेशा, गणेशा, गणेशा गणेशा, गणेशा, गणेशा, गणेशा, गणेशा, गणेशा, गणेशा, गणेशा, गणेशा
Verse 6
Original
हे गोविंदा, हे कृष्णा, गोविंदा है कृष्णा, गोविंदा है कृष्णा, गोविंदा
Verse 7
Original
शेष है, अशेष तू ही, छाँव है तू, धूप है राम है तू, कृष्ण है तू, शिव जी का रूप है डर के अंधेरों को दिलों से निकाल दे भस्म करे बैरियों को, जोश की मशाल दे
Verse 8
Original
नैन मूँद तेरे आगे, शीश को झुकाते हैं गजानना गुण तेरे हम सब गाते हैं वक्रतुण्ड बन जाएँ, तेरे ही पहचान हम दुश्मनों के वास्ते हो मौत का ऐलान हम
Verse 9
Original
हे गोविंदा, हे कृष्णा, गोविंदा है कृष्णा, गोविंदा है कृष्णा, गोविंदा
Verse 10
Original
श्री गणेशा, श्री गणेशा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा श्री गणेशा, श्री गणेशा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा
Verse 11
Original
गोविंद-गोपाला, गोविंद-गोपाला, गोविंद-गोपाला गोविंद-गोपाला, गोविंद-गोपाला, गोविंद-गोपाला गोविंद-गोपाला, गोविंद-गोपाला, गोविंद-गोपाला गोविंद-गोपाला, गोविंद-गोपाला, गोविंद-गोपाला गोविंद-गोपाला, गोविंद-गोपाला, गोविंद-गोपाला, गोविंदा-गोपाला
Verse 12
Original
इन्द्र जिमि जृंभ पर, बाड़व सुअंभ पर रावण सदंभ पर रघुकुल राज है पवन बारि बाह पर, संभु रति नाह पर ज्यों साहस बाह पर राम ध्वज राज है
Verse 13
Original
हे गोविंदा, हे कृष्णा, गोविंदा है कृष्णा, गोविंदा है कृष्णा, गोविंदा
Verse 14
Original
दावा दृम दण्ड पर, चीता मृग झुण्ड पर भूचंड वितुण्ड पर जैसे मृग राज है तेज तम अंस पर, कान्हा जिमि कंस पर त्यों म्लेच्छ बंस पर सेर सिवराज है
Verse 15
Original
जय भवानी, जय शिवाजी जय भवानी, जय शिवाजी
Verse 16
Original
दौलतों का, शोहरतों का, हमको ना दान दे हमको तो जंग में तू जीत का वरदान दे डर के अंधेरों को तू जोश का उजाला दे भस्म करे बैरियों को, क्रोध को ज्वाला दे वक्रतुण्ड बन जाएँ, तेरी ही पहचान हम दुश्मनों के वास्ते हो मौत का ऐलान हम
Verse 17
Original
गणेशा, गणेशा, गणेशा, गणेशा, गणेशा, गणेशा, गणेशा, गणेशा, गणेशा गणेशा, गणेशा, गणेशा, गणेशा, गणेशा, गणेशा, गणेशा, गणेशा, गणेशा
Verse 18
Original
धैर्य है धरा का तू ही, तू गगन विशाल है है अजय, अभय है तू ही, तू ही महाकाल है शेष है, अशेष तू ही, छाँव है तू, धूप है राम है तू, कृष्ण है तू, शिव जी का भी तू रूप है
Verse 19
Original
श्री गणेशा, श्री गणेशा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा
Verse 20
Original
सासचतु रंगसेन अंग मे उमंग धरी सर्जा शिवाजी जंग जितने चलत है भूषण धंनधनाथ देहदनगा रन के नदी, नद, मद के बरंके रगथ है
Verse 21
Original
ऐल धैल खैल-खैल खलत में खैल-खैल गजल की ठैल-थैल सैल बीसुलत है तारासो तरनझुरी, धारा मे लगत झिनी थारा पर पारा-पारा वारियो, हर्ज है